वह अब बड़ी हो गई है।
मैं उसकी उम्र की बात नहीं कर रहा।
वह देश के चार पाँच बड़े शहर घूम कर आई है।
मानो उसने अभी अभी चलना सीखा और दौड़ रही है।
मानो उसने अभी अभी भाषा सीखी और बोल रही है।
उसकी तस्वीरों के शोर से समझ में आ रहा है
कि उसका विश्वास छू रहा है,
धरती और आसमान एक साथ।